अब किताबें और आत्मकथा पढ़ना आसान


महान विभूतियों की आत्मकथा ( ऑटो-बायोग्राफी ) पढ़ने से हमें यह जानने का मौका मिलता है की उनकी सफ़लता या महानता के पीछे आखिर उनका संघर्ष व त्याग क्या रहा | और हम प्रेरित होतें हैं कठिनाइयों से लड़कर लक्ष्य प्राप्त करने के लिए |
      इसलिए कहतें हैं यदि अपने जीवन के उतार-चढ़ाव से थक गए हो और दूसरों की उपलब्धि पर इर्ष्या हो रही है तो पहले उन उपलब्धियों के पिछे का संघर्ष देखो, देखो की किन- कीन परिस्थितियों से गुजराना पड़ा उन्हें |
      तो रही बात आत्मकथा पढने की तो हम जैसे व्यस्त लोगों के लिए यह मुनासिब नही हो पाता की हम पहले तो पढने का विचार लायें (जो खुद अपने आप में बड़ी बात है) फिर उस पुस्तक पर रुपये खर्च करें फिर उसे साथ-साथ लेकर जाने की फजीहत ताकि जब, जहाँ समय मिले हम इसे पढ़कर समय गुजार (टाइम-पास) सकें | और बड़ी बात की इस समय पर तो हमने पहला और अंतिम हक़ अपने जान से प्यारे मोबाइल फ़ोन क्या दिया हुआ है क्या उसे बुरा नही लगेगा |

      तो अगर वाकई में आपका मन है इस तरह की किताबें या नावेल आदि पढने का तो एक आपके मतलब का उपाय है की आप उससे सम्बंधित एप्लीकेशन (app) डाउनलोड कर लें जिनमे से कई आपको मुफ्त में मिल जायेंगे | जैसे अगर आपको गाँधी जी की अत्मकथा – “सत्य के प्रयोग” (मैंने प्रयोग किया है) पढने में रूचि हो तो आप उसे प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड कर सकतें हैं |     

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