रात के बाद ही तो सवेरा होता है🌞


 सुबह....सुबह शब्द अपने आप में ही कितनी संभावनाएं, कितनी ऊर्जा, कितनी सकारात्मकता समेटे है। सुबह हम जब हम गुड मॉर्निंग विश करते हैं कैसा भी मूड हो अच्छा महसूस होता है एक नई आशा मिलती है।


 ये नई आशा की किरण हमे हर मुसीबत में धैर्यवान रखती है, एक आवाज़ आती हो जैसे अंदर से "सब ठीक हो जाएगा" और ठीक हो भी जाता है, और कभी नहीं भी होता तो हम उसे ठीक मानने लगते है मतलब अपनाने लगते हैं स्वीकार करने लगते हैं। इस तरह ये एक दिलासे की तरह है जो हमे प्रकृति से मिलता है।


 प्रकृति से मिलता है अतः यह हमेशा मौजूद होगा और अपरिहार्य रूप से सत्य भी होगा। इस तरह यह अपरिहार्य सत्य है कि हर शाम के बाद सुबह आएगी ही और वो सुबह हमे बाह्य के साथ-साथ आंतरिक ऊर्जा और प्रकाश देगी। 


 इसलिए जब आप बहुत मुश्किल में हों कोई रास्ता नहीं नज़र आ रहा हो कोई शब्द या कोई वाक्य ऐसा न हो जो आपको उम्मीद दे सके याद रखिए हर रात की सुबह होती है कुछ मत कीजिये बस इंतज़ार कीजिए। 


विश्वास रखिए कि " दिल नाउम्मीद नहीं नाकाम ही तो है, 

लम्बी है गम की शाम, लेकिन शाम ही तो है" 

मतलब सुबह जरूर होगी।


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