मेहनत का घड़ा

  देखिये इसकी भूमिका में पिछले ब्लॉग में दे चुकी हूँ, तो उसे भी ध्यान में रखिएगा।
आपकी ज़िंदगी मे कितनी समस्याएँ हैं ना परिवार, नौकरी, रिश्ते, असफलताएं आदि आदि अनिश्चितता से भरा जीवन। सबसे बोझिल और कॉम्प्लिकेटेड(जटिल) अपनी ही ज़िन्दगी लगती है, हेना ?
  लेकिन मेरा मानना है कि ऐसा लगभग लगभग सभी को लगता है। मतलब की सभी की ज़िंदगी मे समस्याएं हैं भले ही अलग अलग स्वरूप में जैसे परिवार की, स्वास्थ्य की, नौकरी की या इन सब की मिलीजुली । सभी को लगता है उनकी समस्या सबसे बड़ी है।
  दरअसल, ज़िन्दगी हर कदम इक नई जंग है... यदि ये नहीं तो कोई और समस्या आ जाएगी। और सच पूछिए तो उनका आना मुनासिब भी है क्योंकि जैसे इंसान के पाप के घड़े वाली कहानी आपने सुनी होगी वैसे ही मेरा मानना है कि इंसान का मेहनत का घड़ा भी होता है।
जैसे जैसे आपका मेहनत का घड़ा भरता जाएगा सफलता आपके करीब आती जाएगी। तो ये मुश्किलें तो आपका घड़ा जल्दी भरने में मददगार हुई ना । जितनी ज्यादा मुसीबत आप देखोगे आपका मेहनत का घड़ा उतना जल्दी भरेगा।
साथ ही कई बार ऐसा भी होता है कि बहुत मेहनत के बाद भी हमे सफलता नहीं मिलती तब भी मेहनत का घड़े पर यकीन रखिए। आपकी मेहनत कभी ज़ाया नही होती वो जमा होती रहती है, आपको बस विश्वास और धैर्य रखने की जरूरत है।

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