"लिख कर देखो अच्छा लगता है "

            

लिख कर देखो अच्छा लगता है, मेरा आजमाया हुआ है | जब भी आपका मन विचलित हो, किसी बात को लेकर दिमाग ख़राब हो रहा हो या गुस्सा आ रहा हो तो उसे लिख डालिए | ऐसा करने से आपका दिमाग शांत हो जायेगा और गुस्सा भी न जाने कहाँ काफूर हो जायेगा |
            यदि आप डायरी लिखतें हैं तो उसमे और यदि नही लिखते तो किसी भी कागज़ पर लिख दीजिये | साथ ही यदि आपको लगता है की बात कुछ गंभीर व निजी है जो आप स्वयं तक ही सिमित रखना चाहते हैं तो लिखने के बाद उन कागजों को जला दीजिये | हाँ , अगर थोडा परफेक्शन से कम लें तो आप अपने विचारों को उपयोगी भी बना सकतें हैं | इसके लिए अपनी बात को थोडा सामाजिक परिवेश में रखकर लिखिए जो लगभग सभी पर लागू होती हो इस तरीके से आप तारीफ भी पाएंगे और शायद कुछ पैसे भी कमा लेंगे |
            यह तरीका आपके आवेश को जरुर शांत कर देगा और जब बाद में आप अपनी लीखी बात पड़ेंगे तो शायद आपको हंसीं आये की कितनी छोटी बात थी | साथ ही इसे पढ़कर आप खुदको अच्छे से समझ पाएंगे, समझ पाएंगे की आवेग में कैसे-कैसे विचार आपके दिमाग में आतें हैं ओर खुद पर कैसे अच्छे से नियंत्रण रखना है  |


Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

दिल ये ज़िद्दी है....

कुछ पंक्तियाँ

इच्छाएँ और आत्म नियंत्रण